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रश्मिरथी / प्रथम सर्ग / भाग 5

रश्मिरथी / प्रथम सर्ग / भाग 5

‘करना क्या अपमान ठीक है इस अनमोल रतन का,मानवता की इस विभूति का, धरती के इस धन का।बिना राज्य यदि नहीं वीरता का इसको अधिकार,तो मेरी यह खुली घोषणा सुने सकल संसार। ‘अंगदेश का मुकुट कर्ण के मस्तक पर धरता हूँ।एक राज्य इस महावीर के हित अर्पित करता हूँ।’रखा कर्ण के सिर पर उसने अपना … Read more

रश्मिरथी / प्रथम सर्ग / भाग 4

रश्मिरथी / प्रथम सर्ग / भाग 4

‘पूछो मेरी जाति , शक्ति हो तो, मेरे भुजबल से’रवि-समान दीपित ललाट से और कवच-कुण्डल से,पढ़ो उसे जो झलक रहा है मुझमें तेज-प़काश,मेरे रोम-रोम में अंकित है मेरा इतिहास। ‘अर्जुन बङ़ा वीर क्षत्रिय है, तो आगे वह आवे,क्षत्रियत्व का तेज जरा मुझको भी तो दिखलावे।अभी छीन इस राजपुत्र के कर से तीर-कमान,अपनी महाजाति की दूँगा … Read more

रश्मिरथी / प्रथम सर्ग / भाग 3

रश्मिरथी / प्रथम सर्ग / भाग 3

फिरा कर्ण, त्यों ‘साधु-साधु’ कह उठे सकल नर-नारी,राजवंश के नेताओं पर पड़ी विपद् अति भारी।द्रोण, भीष्म, अर्जुन, सब फीके, सब हो रहे उदास,एक सुयोधन बढ़ा, बोलते हुए, ‘वीर! शाबाश !’ द्वन्द्व-युद्ध के लिए पार्थ को फिर उसने ललकारा,अर्जुन को चुप ही रहने का गुरु ने किया इशारा।कृपाचार्य ने कहा- ‘सुनो हे वीर युवक अनजान’भरत-वंश-अवतंस पाण्डु की … Read more

रश्मिरथी / प्रथम सर्ग / भाग 2

रश्मिरथी / प्रथम सर्ग / भाग 2

अलग नगर के कोलाहल से, अलग पुरी-पुरजन से,कठिन साधना में उद्योगी लगा हुआ तन-मन से।निज समाधि में निरत, सदा निज कर्मठता में चूर,वन्यकुसुम-सा खिला कर्ण, जग की आँखों से दूर। नहीं फूलते कुसुम मात्र राजाओं के उपवन में,अमित बार खिलते वे पुर से दूर कुञ्ज-कानन में।समझे कौन रहस्य ? प्रकृति का बड़ा अनोखा हाल,गुदड़ी में रखती … Read more

रश्मिरथी / प्रथम सर्ग / भाग 1

रश्मिरथी / प्रथम सर्ग / भाग 1

‘जय हो’ जग में जले जहाँ भी, नमन पुनीत अनल को,जिस नर में भी बसे, हमारा नमन तेज को, बल को।किसी वृन्त पर खिले विपिन में, पर, नमस्य है फूल,सुधी खोजते नहीं, गुणों का आदि, शक्ति का मूल। ऊँच-नीच का भेद न माने, वही श्रेष्ठ ज्ञानी है,दया-धर्म जिसमें हो, सबसे वही पूज्य प्राणी है।क्षत्रिय वही, … Read more

कारवाँ गुज़र गया

kaarvan gujar gaya

स्वप्न झड़े फूल से मीत चुभे शूल से लुट गए सिंगार सभी बाग़ के बबूल से और हम खड़े खड़े बहार देखते रहे कारवाँ गुज़र गया ग़ुबार देखते रहे नींद भी खुली न थी कि हाए धूप ढल गई पाँव जब तलक उठे कि ज़िंदगी फिसल गई पात पात झड़ गए कि शाख़ शाख़ जल … Read more

Fake Loan App List 2024

पारंपरिक लोन लेने के तरीकों से आज ऑनलाइन लोन प्राप्त करना बेहद आसान हो गया है। पहले जहां लोन लेने के लिए हमे महीनों बैंक ऑफिसो के चक्कर काटने पड़ते थे। वहीं अब आसानी से online loan app के जरिये लोन प्राप्त किया जा सकता है। डिजिटलाइजेशन ने जहां चीजो को आसान बना दिया है, वहीं list of fake loan companies के आने से ऑनलाइन Scam भी काफी ज्यादा बढ़ गया है।