दिवाली पर राम जी अयोध्या लौंटे थे फिर दिवाली पर लक्ष्मी पूजा क्यों होती है, जानिए क्या है कारण

दिवाली पर लक्ष्मी पूजा क्यों होती है: दिवाली का त्योहार बेहद नजदीक है, और घरों में दिवाली की तैयारी बड़े ही धूमधाम से शुरू हो गयी है। दिवाली के पावन अवसर पर माँ लक्ष्मी और गणेश जी की पूजा की जाती है। दिवाली के दिन माँ लक्ष्मी के स्वागत के लिए लोग काफी पहले से ही तैयारी करते है। लेकिन सवाल यह आता है कि दिवाली का पर्व तो राम जी के अयोध्या लौटने के उपलक्ष्य में मनाया जाता है, लेकिन फिर दिवाली पर लक्ष्मी पूजा क्यों होती है ? इस आर्टिकल में हम आपको दिवाली पर लक्ष्मी पूजा क्यों होती है इससे जुड़ी सभी कथा बताने वाले है।

आप सभी ये तो जानते ही होंगे कि जब भगवान राम रावण को मारकर लंका से अयोध्या लौंटे थे और उनके अयोध्या लौटने की खुशी की में अयोध्यावासियों ने द्वीप जलाकर जश्न मनाया था तो फिर सवाल आता है कि दिवाली पर लक्ष्मी पूजा क्यों होती है ? आइए जानते है दिवाली पर लक्ष्मी पूजा के पीछे की कहानी क्या है.

दिवाली पर लक्ष्मी पूजन के पीछे की कहानियां

माना जाता है कि दिवाली के दिन लक्ष्मी पूजन का कारण समुद्र मंथन है। इसके पीछे की कहानी यह है कि देवताओं और असुरों के बीच हुआ समुद्र मंथन के दौरान लक्ष्मी भी उस समुद्र से प्रकट हुई थी। मान्यता है कि जिस दिन माँ लक्ष्मी प्रकट हुई, उस दिन कार्तिक कृष्ण पक्ष की अमावस्या थी, जिसे हम दिवाली के रूप में मनाते हैं।

मां लक्ष्मी का समुद्र मंथन से आगमन हो रहा था, इसलिए लोग उनकी आराधना करते हैं और उनका स्वागत करते हैं। इसी कारण दिवाली के दिन माँ लक्ष्मी की पूजा की जाती है, हालांकि कुछ कहानियों के अनुसार जिस दिन माँ लक्ष्मी प्रकट हुई थी वो शरद पूर्णिमा का दिन था, जो दिवाली से ठीक 15 दिन पहले था।

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कई लोगों का कहना है, भारतीय कालगणना के अनुसार 14 मनुओं का समय बीतने और प्रलय होने के पश्चात् पुनर्निर्माण व नई सृष्टि का आरंभ दीपावली के दिन ही हुआ था. इस वजह से लक्ष्मी की पूजा की जाती है. जबकि बहुत से लोगो का यह भी मानना है कि कार्तिक मास की पहली अमावस्या के दिन ही नई शुरुआत व नव निर्माण का काम हुआ था।

हालांकि इसके अलावा माना जाता है कि दिवाली के दिन कई राक्षशो का अंत हुआ था। जिसमे नरकासुर, बली आदि जैसे खतरनाक दैत्य शामिल थे।

दिवाली पर लक्ष्मी पूजा क्यों होती है

FAQs

दिवाली पर लक्ष्मी पूजा क्यों होती है ?

दिवाली के दिन सतयुग में समुन्द्र मंथन से माता लक्ष्मी प्रकट हुई थी, इसलिए दीपावली के दिन माँ लक्ष्मी की पूजा की जाती है।

क्या भगवान राम ने दिवाली मनाई थी?

भगवान राम ने अपनी पहली दिवाली अयोध्या में मनाई थीं।

दिवाली क्यों मनाई जाती है?

दिवाली का त्योहार हिंदुओ के आराध्य भगवान राम से जुड़ा हुआ है, इस दिन भगवान राम अपने भाई व पत्नी के साथ अयोध्या वापस लौंटे थे, उनके लौंटने की खुशी में सम्पूर्ण अयोध्यावासियों ने दीप प्रज्वलित किये, तभी से दिवाली की प्रथा चली आ रही है।

क्या केरल में दिवाली मनाई जाती है?

केरल के अधिकतम समुदायों पर द्रविड़ियन प्रभाव हमेशा से रहा है, इसलिए केरल में दिवाली अधिक लोकप्रिय नही है।

इतिहास में सबसे पहले दिवाली कब मनाई गई थी?

सबसे पहले दीपावली भगवान राम के अयोध्या वपास लौंटने पर मनाई गई थी।

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