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भारतीय के हाथ आई UN चीफ के प्रतिनिधि की कमान, जानें कौन हैं यह पद संभालने वाले कमल किशोर

नई दिल्ली, 24 मई 2024 – संयुक्त राष्ट्र में भारत के कमल किशोर को एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। किशोर को संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस का विशेष प्रतिनिधि (आपदा जोखिम उपशमन) नियुक्त किया गया है।

कमल किशोर, जो आपदा एवं जलवायु जोखिम प्रबंधन के शीर्ष भारतीय अधिकारी रहे हैं, ने 28 मार्च को यह महत्वपूर्ण पदभार ग्रहण किया।

वह अब संयुक्त राष्ट्र आपदा जोखिम उपशमन कार्यालय (यूएनडीआरआर) के प्रमुख के रूप में कार्य करेंगे। इससे पहले, किशोर भारत के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) से संबद्ध थे।

कमल किशोर ने जापान की मामी मिजूटोरी का स्थान लिया है, जो इस पद पर उनके पूर्ववर्ती थीं। यूएनडीआरआर ने 20 मई को किशोर के आगमन का स्वागत किया और गुरुवार को एक बयान जारी कर उनके कार्यभार संभालने की जानकारी दी।

किशोर ने अपने बयान में कहा, “यूएनडीआरआर बढ़ती आशंकाओं के आलोक में आपदा जोखिमों को कम करने के वैश्विक प्रयास को एकजुट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।” उन्होंने यह भी कहा कि वह अबतक हुई प्रगति को आगे ले जाने के लिए आशान्वित हैं।

किशोर ने यूएनडीआरआर की महत्वाकांक्षाओं की प्रशंसा करते हुए पूर्व एसआरएसजी मिजूटोरी के नेतृत्व को सराहा और पाओलो अल्टब्रिटो को उनके आगमन से पूर्व कार्यवाहक एसआरएसजी के रूप में सेवा देने के लिए धन्यवाद दिया।

कमल किशोर ने 2015 से भारत के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के विभागाध्यक्ष के रूप में अपनी सेवा दी है। उन्होंने जी 20 की भारत द्वारा अध्यक्षता संभालने के दौरान आपदा जोखिम उपशमन पर जी 20 कार्यबल की अध्यक्षता भी की थी।

एनडीएमए से जुड़ने से पहले, किशोर ने संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) में करीब 13 साल सेवा की, जिसमें जिनेवा, नई दिल्ली और न्यूयार्क शामिल थे।

इस दौरान उन्होंने संपोषणीय विकास लक्ष्यों में आपदा लचीलापन विषयों के समावेशन की खातिर तथा यूएनडीपी कार्यक्रम वाले देशों के लिए आपदा जोखिम उपशमन की वैश्विक टीम की अगुवाई की थी।

कमल किशोर की यह नई नियुक्ति न केवल भारत के लिए बल्कि वैश्विक आपदा जोखिम प्रबंधन के क्षेत्र में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। उनके अनुभव और विशेषज्ञता से उम्मीद है कि यूएनडीआरआर के तहत वैश्विक आपदा जोखिम उपशमन के प्रयास और भी सशक्त और प्रभावी होंगे।

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