उत्तरप्रदेश के 10 सबसे प्रसिद्ध मंदिर, दुनियाभर से आते है लाखो श्रद्धालु

उत्तरप्रदेश के 10 सबसे प्रसिद्ध मंदिर है: उत्तरप्रदेश जनसंख्या की दृष्टि से भारत का सबसे बड़ा सूबा है यहां लगभग 25 करोड़ की आबादी बस्ती है। सबसे बड़े सूबे के अलावा उत्तरप्रदेश अपनी सांस्कृतिक विरासत और मंदिरों के लिए जाना जाता है। हिन्दू समुदाय के लिए उत्तरप्रदेश बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि भगवान विष्णु के दो अवतार राम और कृष्ण का जन्म उत्तरप्रदेश में ही हुआ था और भगवान शिव की नगरी काशी भी उत्तरप्रदेश में है। साथ ही दुनिया का सबसे बड़ा मेला कुम्भ भी उत्तरप्रदेश में आयोजित होता है। इस दृष्टि से उत्तरप्रदेश बेहद खास है, आज हम आपको उत्तरप्रदेश के 10 सबसे प्रसिद्ध मंदिर की जानकरी देने वाले है।

उत्तरप्रदेश के 10 सबसे प्रसिद्ध मंदिर

यदि आप कहीं घूमने जाने का सोच रहे है या किसी धार्मिक स्थल की यात्रा करने का सोच रहे है तो आपको उत्तरप्रदेश के इन 10 सबसे प्रसिद्ध मंदिरों में एक बार जरूर विजिट करना चाहिए। यहां हमने उत्तरप्रदेश के 10 सबसे प्रसिद्ध मंदिर के बारे में बताया है, जो न सिर्फ भारत मे प्रसिद्ध है बल्कि दुनियाभर में अपनी प्राचीनता, वास्तुकला और शक्तियों के लिए जाने जाते है।

1. प्रेम मंदिर (Prem Temple)

प्रेम मंदिर, का मतलब है “प्रेम का मंदिर”। यह मंदिर भारत के उत्तर प्रदेश के वृन्दावन में स्थित एक हिंदू मंदिर है। इस मंदिर का निर्माण आध्यात्मिक सन्त और जगद्गुरु कृपालु परिषत के संस्थापक जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज द्वारा करवाया गया था। मंदिर का निर्माण कार्य 2012 मे पूरा हो गया था और इसका उद्घाटन 17 फरवरी 2012 को किया गया था।

उत्तरप्रदेश के 10 सबसे प्रसिद्ध मंदिर

राधा कृष्ण और सीता राम को समर्पित इस प्रेम मंदिर को सफेद संगमरमर से बनाया गया है। मंदिर परिसर 54 एकड़ में फैला हुआ है और इसमे कई बगीचे शामिल हैं। जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज ने प्रेम मंदिर की कल्पना एक आध्यात्मिक आश्रय के रूप में की, जो परमात्मा के प्रति प्रेम और भक्ति को बढ़ावा देता है। मंदिर में भक्तों के साथ साथ बड़ी संख्या में पर्यटक भी आते है।

  • Location: वृंदावन, मथुरा, उत्तर प्रदेश
  • दर्शन टाइमिंग: सुबह 5 बजे से रात 8 बजे तक

2. विंध्यवासिनी मंदिर, मिर्जापुर

उत्तर प्रदेश में मिर्ज़ापुर के पास विंध्याचल में स्थित विंध्यवासिनी मंदिर उत्तरप्रदेश के 10 सबसे प्रसिद्ध मंदिर के से एक है। यह मंदिर देवी विंध्यवासिनी, देवी दुर्गा की एक अभिव्यक्ति को समर्पित है। यह मंदिर अत्यधिक धार्मिक महत्व रखता है और साथ ही एक तीर्थ स्थल है, जहां हर साल हजारों लाखों की संख्या में भक्तगण दर्शन के लिए आते है।

उत्तरप्रदेश के 10 सबसे प्रसिद्ध मंदिर

इस मंदिर को बेहद प्राचीन माना जाता है और इसका जिक्र हिंदू धर्मग्रंथों में किया गया है. विंध्यवासिनी मंदिर को 51 शक्तिपीठो में से एक माना जाता है। मंदिर की वास्तुकला ऐतिहासिक और समकालीन शैलियों का मिश्रण दर्शाती है, जो तीर्थयात्रियों और पर्यटकों दोनों को अट्रैक्ट करती है।

  • Location: मिर्जापुर उत्तरप्रदेश
  • दर्शन टाइमिंग: सुबह 5:30 बजे से रात्रि 12 बजे तक

3. संकटमोचन मंदिर (Sankat Mochan Temple)

उत्तर प्रदेश के वाराणसी में स्थित संकट मोचन हनुमान मंदिर बजरंगबली हनुमान को समर्पित है। इस मंदिर का निर्माण 16वीं शताब्दी की शुरुआत में श्रद्धेय हिंदू संत गोस्वामी तुलसीदास द्वारा करवाया गया था। यह मंदिर सबसे प्राचीन शहरों में से एक वाराणसी में स्थित है। किंवदंती है कि भगवान राम के प्रबल भक्त तुलसीदास ने बाधाओं और कठिनाइयों पर काबू पाने के लिए हनुमान का आशीर्वाद लेने के लिए मंदिर की स्थापना की थी।

इतिहास में, संकट मोचन मंदिर का कई बार पुनर्निर्माण या जीर्णोद्धार करवाया गया है, अभी हाल ही में 20वी सदी में इसका नवीनतम जीर्णोद्धार करवाया गया। मंदिर के वास्तुकला की बात करे तो मंदिर वास्तुकला पारंपरिक और आधुनिक शैलियों का मिश्रण है। संकटमोचन मंदिर साकेत नगर, नगवा लंका, वाराणसी में स्थित है। मंदिर सुबह 5 बजे से दोपहर 12 बजे तक और 3 बजे से 12 बजे तक खुला रहता है। आप मंदिर में 30 मिनट से 1 घण्टे तक पूजा आराधना कर सकते है, मंदिर में प्रवेश शुल्क शून्य है।

  • Location: साकेत नगर, नगवा लंका, वाराणसी, उत्तर प्रदेश
  • दर्शन टाइमिंग: सुबह 5 बजे से दोपहर 12 बजे तक और 3 बजे से 12 बजे

4. गोरखनाथ मंदिर

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में स्थित गोरखनाथ मंदिर, एक प्रतिष्ठित संत और नाथ मठवासी आंदोलन के संस्थापक गुरु गोरखनाथ जी को समर्पित है। मंदिर के इतिहास की बात करे तो इसका इतिहास सदियों पुराना है और इसके निर्माण का श्रेय स्वयं गुरु गोरखनाथ को दिया जाता है। हालाँकि, वर्तमान में मंदिर का जो स्ट्रक्चर है उसका जीर्णोद्धार 19वीं शताब्दी में नेपाल के राणा बहादुर शाह के संरक्षण में करवाया गया था।

उत्तरप्रदेश के 10 सबसे प्रसिद्ध मंदिर

गुरु गोरखनाथ को नाथ परंपरा में एक महत्वपूर्ण व्यक्ति माना जाता है, जो योग, ध्यान और आध्यात्मिकता पर अपनी शिक्षाओं के लिए जाने जाते हैं। गोरखनाथ मंदिर के परिसर में विभिन्न मंदिर, धर्मशाला और एक यज्ञशाला भी स्थापित हैं। गोरखनाथ मंदिर न केवल एक धार्मिक स्थल है बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों का केंद्र भी है। गोरखनाथ मंदिर में मकर सक्रांति के अवसर पर गोरखनाथ मेला लगता है, जहां हजारों लोग जाते है।

  • Location: गोरखपुर, उत्तरप्रदेश, 273015,
  • दर्शन टाइमिंग: सुबह 5 बजे से दोपहर 12 बजे तक और 3 बजे से 12 बजे
  • सम्पर्क सूत्र: फोन – (0551) 2255453, 2255454
  • ईमेल: gorakhnathmandir@yahoo.com

5. शाकुंभरी देवी मंदिर

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में स्थित शाकुंभरी देवी मंदिर, देवी शाकुंभरी जी को समर्पित है, जो देवी दुर्गा का ही एक स्वरूप है। शाकुंभरी देवी मंदिर ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व रखता है, इसकी जड़ें प्राचीन काल से जुड़ी हुई हैं। हालांकि मंदिर के निर्माण की सही तारीख इतिहासकारों से अज्ञात है, लेकिन ऐसा माना जाता है कि इसकी स्थापना आदि शंकराचार्य ने की थी।

किंवदंती मंदिर को देवी शाकुंभरी से जोड़ती है, जिनके बारे में कहा जाता है कि उन्होंने इस पवित्र स्थान पर राक्षस महिषासुर को हराया था। मंदिर की वास्तुकला सांस्कृतिक और ऐतिहासिक प्रभावों का मिश्रण दिखाती है, जो भक्तों और तीर्थयात्रियों को देवी अट्रैक्ट करती है। शाकुंभरी देवी मंदिर एक महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल है, खासकर नवरात्रि उत्सव के दौरान जब भक्त देवी की पूजा करने के लिए इकट्ठा होते हैं।

  • Location: जसमोर गांव, सहारनपुर, उत्तरप्रदेश
  • दर्शन टाइमिंग: सुबह 5:00 बजे से रात 9:30 बजे तक

6. दूधेश्वर महादेव मंदिर, गाज़ियाबाद

दूधेश्वर महादेव मंदिर दिल्ली एनसीआर के मध्य गाज़ियाबाद में स्थित उत्तरप्रदेश के 10 सबसे प्रसिद्ध मंदिर में से एक है। इसे स्वयंभू माना जाता है और इसका इतिहास रावण के समय से जुड़ा है। ऋषि विश्रेश्र्वा और रावण को सोने की लंका दूधेश्वर महादेव के पूजन से ही प्राप्त हुई थी। अपने शासनकाल के दौरान वीर शिवाजी महाराज ने इस मंदिर का जीर्णोद्धार करवाया था, इसके बाद उद्योगपति श्री धर्मपाल गर्ग के द्वारा मंदिर का जीर्णोद्धार करवाया गया।

  • Location: दूधेश्वर नाथ मंदिर, प्रेम नगर, माधोपुरा, गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश 201009
  • दर्शन टाइमिंग: सुबह 4 बजे से दोपहर 12 बजे तक, शाम बजे से रात 9 बजे तक
  • सम्पर्क सूत्र: +91 9716071111
  • ईमेल: dudheswarnathmandir@gmail.com

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7. श्री द्वारकाधीश मंदिर, मथुरा

उत्तर प्रदेश के मथुरा में द्वारकाधीश मंदिर, भगवान कृष्ण को समर्पित है, जिन्हें द्वारकाधीश के नाम से भी जाना जाता है। द्वारकाधीश मंदिर का निर्माण 1814 में एक धनी व्यापारी सेठ गोकुल दास पारिख द्वारा करवाया गया था। मंदिर की वास्तुकला राजस्थानी और मुगल शैलियों का मिश्रण है, जो जटिल नक्काशी और मूर्तियों से सुसज्जित है।

उत्तरप्रदेश के 10 सबसे प्रसिद्ध मंदिर

मंदिर में द्वारकाधीश की मूर्ति स्थापित है, जिनकी आराधना करने पर्यटक व श्रद्धालु दोनों आते है। 1857 के विद्रोह के दौरान बहुत से भारतीय सैनिकों ने यहां शरण ली थी। भगवान कृष्ण के जन्म का जश्न मनाने के लिए भक्त जन्माष्टमी जैसे त्योहारों के दौरान मंदिर में इकट्ठा होते हैं।

  • Location: विश्राम बाजार रोड, चौबे पारा, मथुरा, उत्तर प्रदेश, 281001
  • दर्शन टाइमिंग: सुबह 6:30 से 10:30 बजे तक, दोपहर 4 बजे से 7 बजे तक
  • सम्पर्क सूत्र: +919555478764

8. काशी विश्वनाथ मंदिर, वाराणसी

उत्तर प्रदेश के वाराणसी में स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर, भगवान शिव को समर्पित है, यह सबसे पवित्र हिंदू मंदिरों में से एक है। माना जाता है कि मूल मंदिर का निर्माण प्राचीन काल में किया गया था, लेकिन जो अभी वर्तमान संरचना है उसका निर्माण 18वीं शताब्दी में इंदौर की मराठा रानी रानी अहिल्याबाई होल्कर द्वारा करवाया गया था। मंदिर की वास्तुकला मराठा और राजपूत शैलियों का मिश्रण दर्शाती है।

काशी विश्वनाथ मंदिर गंगा नदी के पश्चिमी तट पर स्थित है। पूरे इतिहास में, काशी विश्वनाथ मंदिर को कई बार विनाश का सामना करना पड़ा लेकिन समय समय पर भक्तों द्वारा इसका पुनर्निर्माण भी करवाया गया है। आदि शंकराचार्य, स्वामी विवेकानन्द, रामकृष्ण परमहंश, तुलसीदास समेत कई विचारकों ने इस मंदिर का अपने समय मे दौरा किया था।

  • खुलने का समय: 2:30 AM से रात्रि 11 बजे तक
  • लोकेशन: वाराणसी, उत्तरप्रदेश, भारत

9. अलोपी देवी मंदिर, प्रयागराज

अलोपी देवी मंदिर, प्रयागराज में स्थित है, अलोपी मंदिर देवी अलोपी को समर्पित है जो कि देवी पार्वती का ही एक रूप है। अलोपी मंदिर अपनी एक अनोखी मान्यता के लिए जाना जाता है कि देवी मंदिर से गायब हो गई थीं, और इसलिए, इसका नाम अलोपी देवी मंदिर रखा गया। मंदिर के निर्माण के बारे में पर्याप्त व सही जानकरी उपलब्ध नही है। इस मंदिर की खासियत यह है कि यहां कोई भी देवता अथवा देवी विराजमान नही है, बल्कि की एक लकड़ी की रथ या डोली विराजमान है। यमुना नदी के किनारे स्थित यह मंदिर अलोपीबाग, प्रयागराज उत्तरप्रदेश में स्थित है।

  • खुलने का समय: 2:30 AM से रात्रि 11 बजे तक
  • लोकेशन: अलोपीबाग, प्रयागराज, उत्तरप्रदेश

10. बांके बिहारी मंदिर

बांके बिहारी मंदिर, उत्तर प्रदेश के वृन्दावन में स्थित, एक प्रसिद्ध हिंदू मंदिर है जो बांके बिहारी के रूप में भगवान श्री कृष्ण को समर्पित है। इस मंदिर का निर्माण 1864 में करवाया गया था, मंदिर के निर्माण का श्रेय एक भक्त कवि-संत स्वामी हरिदास को दिया जाता है। बाँके बिहारी मंदिर उत्तरप्रदेश के मथुरा जिले के वृंदावन धाम में बिहारीपुरा में स्थित है। आप सुबह 7:45 से दोपहर 12 बजे तक बांके बिहारी के दर्शन कर सकते है, इसके पश्चात शाम 5:30 से रात्रि 9 बजे तक मंदिर दर्शन के लिए खुला रहता हैं।

  • खुलने का समय: सुबह 7:45 से दोपहर 12 बजे तक/ शाम 5:30 से रात्रि 9 बजे तक
  • लोकेशन: वृंदावन धाम, बिहारीपुरा , उत्तर प्रदेश

Conclusion

उत्तरप्रदेश हिन्दू समुदाय के लिए बेहद महत्व रखता है, क्योंकि यहां हिन्दू धर्म के कई प्रमुख हिन्दू मंदिर स्थित है। हिन्दू धर्म के दो प्रमुख अवतार भगवान राम और कृष्णा का जन्म उत्तरप्रदेश में ही हुआ था। इसके अलावा भगवान शिव की नगरी काशी भी उत्तरप्रदेश में स्थित है।।इस आर्टिकल में हमने उत्तरप्रदेश के 10 सबसे प्रसिद्ध मंदिरों के बारे में विस्तृत जानकारी दी है।

FAQs

संकटमोचन मंदिर कहाँ हैं?

संकटमोचन मंदिर साकेत नगर, नगवा लंका वाराणसी में स्थित है।

प्रेम मंदिर कहाँ है

प्रेम मंदिर उत्तरप्रदेश के मथुरा जिले में स्थित है।

दूधेश्वर मंदिर कहाँ स्थित है?

दूधेश्वर मंदिर प्रेम नगर, माधोपुरा, गाजियाबाद उत्तर प्रदेश में स्थित है।

बांके बिहारी मंदिर कहाँ स्थित है?

बांके बिहारी मंदिर बिहारीपुरा,वृंदावन धाम, मथुरा उत्तरप्रदेश में स्थित है।

काशी विश्वनाथ मंदिर कहाँ स्थित है?

काशी विश्वनाथ मंदिर वाराणसी उत्तरप्रदेश में स्थित है।

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