14 फरवरी को मनाई जाने वाली सरस्वती पूजा 2024, ज्ञान की देवी की शुभ पूजा का प्रतीक है।

इस दिन भक्त ज्ञान और आशीर्वाद पाने के लिए फल, फूल और मिठाइयों का प्रसाद चढ़ाकर पूजा करते हैं।

देवी सरस्वती पीली साड़ी में सुशोभित हैं, उनके हाथ में वीणा है, जो कला, संगीत और ज्ञान का प्रतीक है।

बसंत पंचमी 2024 खुशियाँ लेकर आती है क्योंकि छात्र सरस्वती पूजा से शुरू होकर अपनी आगे की शिक्षा शुरू करते हैं।

इस दिन स्कूल और कॉलेज छात्रों के लिए आध्यात्मिक और शैक्षिक वातावरण को बढ़ावा देने के लिए होम और यज्ञ का आयोजन करते हैं।

सरस्वती पूजा  महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश समेत नेपाल और बांग्लादेश जैसे देशों में मनाया जाता है।

पंजाब इस दिन को चमकीले पीले परिधान, पतंगबाजी और सिख शहीद हकीकत सिंह की याद के साथ मनाता है।

इस दिन राजस्थान में महिलाएं और लड़कियां चमेली की माला पहनती हैं, जो की इनकी परंपरा और संस्कृति है।

तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और केरल सरस्वती पूजा को श्री पंचमी के रूप में मनाते हैं।

2024में सरस्वती पूजा कब है और इसके बारे में विस्तार से जानने के लिए यह लेख पढ़ें-