घर में घुसकर मारा. जलियांवाला बाग नरसंहार के 21 साल बाद ऊधम सिंह ने यूं लिया डायर से बदला

जलियांवाला बाग हत्याकांड का नाम सुनकर आज भी दिल दहल उठता है, जहां हजारों निर्दोष लोगों को बेमौत मार दिया गया था।

ऐसे में जवान उधम सिंह के दिल मे आग क्यू न लगती जो उस घटना के गवाह थे।

इस नरसंहार ने उधम सिंह को झंझोर कर दिया था, जिसका बदला  लेने वे 7 समुन्द्र पार चले गए थे।

जलियांवाला बाग हत्याकांड के जिम्मेदार जनरल डायर को उधम सिंह ने 21 साल बाद घर मे घुसकर मारा था।

26 दिसंबर 1899 को जन्मे उधम सिंह ने देश का बॉर्डर क्रॉस करके अंग्रेज़ो को उनके घर मे घुसकर मार था और खुद फाँसी के फंदे पर झूल गए थे।

उधम सिंह  के बचपन का नाम शेरसिंह था, और उन्होंने बचपन अनाथालय में बिताया क्योंकि बहुत ही कम उम्र में वे अनाथ हो गए थे।

उधम सिंह ने अंग्रेज सेना की तरफ से प्रथम विश्व युद्ध मे भाग भी लिया था, लेकिन अंग्रेज़ो से बनी नही और उन्होंने सेना छोड़ दी।